Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य !' कवि ने स्वयं को 'चिर प्रवासी, 'इतर' और 'अन्य' क्यों कहा है? 'यह दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए।
लघु उत्तरीय
Advertisements
उत्तर
- कवि नागार्जुन अपनी घुमक्कड़ प्रवृत्ति के कारण प्रवासी जीवन व्यतीत करते थे।
- अधिकांश समय अपने घर से दूर रहे, जिस कारण वे अपने शिशु के लिए अपरिचित हो गए।
- कवि एक अतिथि की तरह बहुत दिनों पश्चात् लौटे हैं।
- अपनी इसी स्थिति के कारण वे स्वयं को अन्य, इतर, अतिथि कह रहे हैं।
- ये उनके अंतर्मन की पीड़ा और व्यथा को प्रदर्शित कर रहा है।
shaalaa.com
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
