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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त हिन्दी लेख लिखिए:
आधुनिक युग में भूमंडलीय उष्मीकरण (Global Warming) किसे कहा गया है? यह हमारी धरती के साथ-साथ मनुष्यों के लिए भी अत्यन्त हानिकारक है। इस ग्लोबल वार्मिंग को मनुष्यों तथा सरकार के संयुक्त प्रयासों से कैसे नियंत्रित किया जा सकता है? इसके कारण तथा इससे होने वाले नुकसानों पर अपने विचार प्रस्ताव रूप में लिखिए।
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उत्तर
भू-मंडलीय ऊष्मीकरण: एक गंभीर समस्या एवं उसके समाधान
आधुनिक युग में भू-मंडलीय ऊष्मीकरण (Global Warming) एक अत्यंत गंभीर पर्यावरणीय समस्या बन चुकी है। इसका अर्थ पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार हो रही असामान्य वृद्धि से है। यह समस्या मुख्य रूप से ग्रीनहाउस गैसों जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड की अधिक मात्रा के कारण उत्पन्न हो रही है। औद्योगिकीकरण, तीव्र शहरीकरण, वनों की कटाई तथा जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग से यह संकट दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
ग्लोबल वार्मिंग के प्रमुख कारण
इसके मुख्य कारणों में उद्योगों और कारखानों से निकलने वाला धुआँ, डीज़ल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की संख्या में वृद्धि, वनों की अंधाधुंध कटाई जिससे कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कम होता है, कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक प्रयोग तथा कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अधिक उपयोग शामिल हैं।
ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले नुकसान
इसके कारण मौसम में असामान्य परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा और हिमनदों के पिघलने से जलवायु असंतुलित हो रही है। समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से तटीय क्षेत्रों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा बाढ़, सूखा और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएँ अधिक बार आने लगी हैं। बढ़ते तापमान का मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
नियंत्रण के उपाय
इस समस्या से निपटने के लिए वनों का संरक्षण और अधिक वृक्षारोपण आवश्यक है। सौर, पवन और जल जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन और विद्युत वाहनों को अपनाना चाहिए। प्लास्टिक और हानिकारक रसायनों के प्रयोग को कम करना होगा। साथ ही सरकार और जनता को मिलकर जागरूकता फैलानी चाहिए।
अंततः, भू-मंडलीय ऊष्मीकरण एक वैश्विक समस्या है, जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। यदि हम पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनें और अपनी जीवनशैली में सुधार करें, तो पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
