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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर लगभग 200 से 250 शब्दों में निबन्ध लिखिए:
प्लास्टिक मुक्त भारत
- हानियाँ
- विकल्प क्या हो
- किए जा रहे प्रयास
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उत्तर
प्लास्टिक मुक्त भारत
प्लास्टिक, विज्ञान के कई महत्वपूर्ण आविष्कारों में से एक, आज मानव जीवन के लिए खतरा बन गया है। 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री ‘श्री नरेंद्र मोदी जी’ ने प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान के तहत 2 अक्टूबर 2019 से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। प्लास्टिक से भारत को 2022 तक मुक्त करने का लक्ष्य है। आज हम दिन की शुरुआत से लेकर सोने तक अपने दैनिक जीवन में बहुत से प्लास्टिक उत्पादों का उपयोग करते हैं। प्लास्टिक बैगों का निस्तारण एक बड़ी समस्या बन गया है, लेकिन वे बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। प्लास्टिक एक गैर बायोडिग्रेडेबल (अजैवनिम्नीकरण) सामग्री है। इसलिए यह भूमि और जल प्रदूषण का प्रमुख कारण है। इसे जलाने से वायु खराब हो जाती है। यह समुद्री जीवों के लिए भी खतरा है। एक अध्ययन ने पाया कि कि बार-बार एक ही प्लास्टिक बोतल से पीने का पानी लेने पर उसमें जहरीले पदार्थ घुलने लगते हैं।
प्लास्टिक की जगह समुद्री शैवाल और कंपोस्टेबल या बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। सिलिकॉन भी प्लास्टिक की जगह ले सकता है। भारत के प्लास्टिक मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए, प्लास्टिक की जगह कपड़े, कागज या धातु के कंटेनर आदि का उपयोग करना चाहिए।
सरकार के आग्रह पर पी.डब्ल्यू.डी. और एन.एच.ए.आई. ने सड़क निर्माण के लिए प्लास्टिक कचरे का उपयोग करने की योजना पर काम प्रारम्भ कर दिया है। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान देहरादून भी प्लास्टिक कचरे से आटोमोटिव ग्रेड डीजल बनाता है। यदि हम लोग समस्या का कारण हैं, तो हमें भी समाधान खोजना होगा। भारत को प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा।
