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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
शामपट्ट की आत्मकथा
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उत्तर
शामपट्ट की आत्मकथा
मेरा नाम शामपट्ट (स्लेट) है। मैं एक साधारण दिखने वाला वस्तु हूँ, लेकिन मेरा यात्रा बड़ा रोचक रहा है। मेरा जन्म एक विशेष प्रकार के काले पत्थर से हुआ। मुझे तराशकर चिकना बनाया गया और लकड़ी की सुंदर सीमा में जड़ा गया, ताकि मैं उपयोग में अधिक सुविधाजनक बन सकूँ। जब मैं पहली बार बाजार में पहुँचा, तो कई बच्चों की नज़रें मुझ पर पड़ीं। फिर एक दिन, एक विद्यार्थी ने मुझे खरीद लिया, और मेरा नया जीवन शुरू हुआ।
हर दिन, बच्चा मुझ पर सफेद खड़िया से सुंदर अक्षर लिखता, गिनती सीखता और चित्र बनाता। जब वह गलती करता, तो गीले कपड़े से मिटाकर फिर से अभ्यास करता। मैं गर्व महसूस करता था कि मैं उसके ज्ञान के विकास में सहायक हूँ। कई वर्षों तक मैंने अनेक विद्यार्थियों की सेवा की।
समय के साथ कागज, पेन और कंप्यूटर का प्रचलन बढ़ने लगा। अब मेरी आवश्यकता कम हो गई और मुझे एक कोने में रख दिया गया। लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अनगिनत बच्चों को लिखना-पढ़ना सिखाया। आज भी कुछ जगहों पर मेरा उपयोग होता है, और जब कोई बच्चा मुझ पर लिखता है, तो मैं खुशी से भर उठता हूँ। मेरी यात्रा छोटी लेकिन सार्थक रही है।
