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प्रश्न
निम्नलिखित विधान से आप सहमत हैं या असहमत हैं, कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
सीमान्त उपयोगिता हासमान के सिद्धांत का कोई वास्तविक अपवाद नहीं है।
सत्य या असत्य
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उत्तर
मैं इस कथन से सहमत हूँ।
कारण:
निम्नलिखित मामलों में यह माना जाता है कि घटती सीमांत उपयोगिता का नियम (Law of Diminishing Marginal Utility - DMU) लागू नहीं होता है:
- शौक: ऐसा माना जाता है कि कुछ शौक, जैसे दुर्लभ सिक्के या टिकट एकत्र करना, प्रत्येक नए सिक्के या टिकट की प्राप्ति के साथ बढ़ती हुई उपयोगिता प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, जो लोग संगीत का आनंद लेते हैं, उनके बारे में कहा जाता है कि वे प्रत्येक क्रमिक श्रवण (successive listening) से अधिक लाभान्वित होते हैं। इसके अलावा, जो लोग किताबें पढ़ने का आनंद लेते हैं, वे प्रत्येक बार पढ़ने से अधिक लाभ प्राप्त करते हैं। हालांकि, यदि किसी को एक ही तरह का टिकट इकट्ठा करने, एक ही गाना सुनने या एक ही किताब को बार-बार पढ़ने के लिए कहा जाए, तो सीमांत उपयोगिता कम हो जाएगी, और DMU नियम के समरूपता (homogeneity) और निरंतरता (continuity) की मान्यताओं के अनुसार यह नियम लागू हो जाएगा।
- कंजूस: एक कंजूस व्यक्ति के लिए धन के स्टॉक में प्रत्येक वृद्धि से धन की सीमांत उपयोगिता बढ़ती हुई मानी जाती है। हालांकि, कंजूस के कार्य अतार्किक (illogical) होते हैं। इस प्रकार वह नियम की विवेकशीलता (rationality) की धारणा का उल्लंघन करता है। परिणामस्वरूप, कंजूस इस नियम के वास्तविक अपवाद नहीं हैं।
- व्यसन/आदतें: ऐसा माना जाता है कि उपभोग की जाने वाली शराब की प्रत्येक अतिरिक्त इकाई एक शराबी को बढ़ती हुई सीमांत उपयोगिता प्रदान करती है। हालांकि, शराबी के कार्य अतार्किक लगते हैं। इस प्रकार वह नियम की विवेकशीलता (rationality) की धारणा का उल्लंघन करता है। परिणामस्वरूप, शराबी लोग वास्तव में इस नियम से बाहर (अपवाद) नहीं हैं।
इस प्रकार, घटती सीमांत उपयोगिता के नियम (Law of DMU) के कोई वास्तविक अपवाद नहीं हैं।
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