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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
हमारी आज की सभ्यता नदियों के प्रति उदासीन है। ‘अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में’ पाठ के आधार पर कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
दीर्घउत्तर
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उत्तर
‘अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में’ पाठ के अनुसार हमारी आज की सभ्यता नदियों के प्रति अत्यंत उदासीन हो चुकी है। कारखाने बिना सोचे-समझे रसायन मिश्रित दूषित पानी नदियों में बहा रहे हैं, जिससे उनका जल विषैला होता जा रहा है। अपशिष्ट पदार्थ, प्लास्टिक की थैलियाँ और कचरा नदियों के प्रवाह को बाधित कर देते हैं। लोग नदियों की सफाई और रखरखाव पर ध्यान नहीं देते, जिससे उनका स्वरूप बिगड़कर वे नालों जैसी दिखने लगी हैं।
यह उदासीनता नदियों के अस्तित्व के लिए खतरा है। लेखक स्पष्ट करता है कि यदि समय रहते जागरूक न हुए, तो हमारी सभ्यता अपनी ही प्राकृतिक धरोहर को नष्ट कर देगी।
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