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प्रश्न
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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प्रीति की राह पर चले आओ, साथ निकलेंगे आज नर-नारी, वर्तमान बोला, अतीत अच्छा था, |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: (२)
- नारी -
- नीतियाँ -
- राह -
- काँटे -
(३) ‘धरती से जुड़ा रहकर ही मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है,’ इस पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
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उत्तर
(१)
(२)
- नारी - नारियाँ
- नीतियाँ - नीति
- राह - राहें
- काँटे - काँटा
(३) मनुष्य जीवन में अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तरह-तरह से प्रयास करता है। अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रयास करना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है। पर इसके लिए उसे अपनी धरती (अपने आधार) से जुड़े रह कर प्रयास करना चाहिए। इस प्रयास में कुछ ऐसा नहीं होना चाहिए कि प्रयास करने वाले का धरती से जुड़ाव टूट जाए। इसके लिए सावधान रहने की जरूरत होती है। हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति केलिए प्रयास करते समय अपनी सभ्यता, अपनी संस्कृति तथा अपने जीवन मूल्यों को कभी भी भूलना नहींचाहिए। अपनी धरती, अपनी जड़ों से कट कर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक सुखी नहीं रह सकता। ऐसे अनेक अवसर आते हैं, जब पीछे छोड़ दिए गए रिश्ते और लोग हमें याद आते हैं और वे हमें व्याकुल कर जाते हैं।




