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प्रश्न
निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।
ऑक्सीकरण अवस्था
निम्नलिखित के संदर्भ में ऐक्टिनॉयड श्रेणी के तत्वों तथा लैन्थेनॉयड श्रेणी के तत्वों के रसायन की तुलना कीजिए।
ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
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उत्तर
लैन्थेनॉयड सीमित ऑक्सीकरण अवस्थाएँ (+2, +3, +4) प्रदर्शित करते हैं जिनमें +3 ऑक्सीकरण अवस्था सबसे अधिक सामान्य है। इसका कारण 4f, 5d तथा 6s उपकोशों के बीच अधिक ऊर्जा-अंतर होना है। दूसरी ओर ऐक्टिनॉयड अधिक संख्या में ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित करते हैं क्योंकि 5f, 6d तथा 7s उपकोशों में ऊर्जा-अंतर कम होता है।
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परमाण्वीय एवं आयनिक आकार
निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।
रासायनिक अभिक्रियाशीलता
ऐक्टिनॉयड तत्वों का रसायन उतना नियमित नहीं है जितना कि लैन्थेनॉयड तत्वों का रसायन। इन तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं के आधार पर इस कथन का आधार प्रस्तुत कीजिए।
लैन्थेनॉयड श्रेणी के उन सभी तत्वों का उल्लेख कीजिए जो +4 तथा जो +2 ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाते हैं। इस प्रकार के व्यवहार तथा उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के बीच संबंध स्थापित कीजिए।
61, 91, 101 तथा 109 परमाणु क्रमांक वाले तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
लैन्थेनॉयड धातुओं से युक्त एक प्रमुख मिश्रातु का उल्लेख कीजिए।
मिश्र धातु के उपयोग बताइए।
लैन्थेनॉयड आकुंचन के परिणाम क्या हैं?
