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प्रश्न
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखें प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
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ताकत की बात छोड़ो, अभय सिंह! प्रत्येक राजपूत को अपनी ताकत पर नाज़ है। इतने बड़े दंभ को मेवाड़ अपने प्राणों में आश्रय न दें, इसी में उसका कल्याण है। रह गई बात एक माला गूँथने की, तो वह माला तो बनी हुई है। हाँ, उस माला को तोड़ने का श्रीगणेश हो गया है। मातृभूमि का मान -- हरिकृष्ण पप्रेमी' Matribhoomi Ka Maan - Harikrishna ‘Premi’ |
- अभय सिंह कौन है? वे राव हेमू के पास किसका, क्या संदेश लेकर आए हैं? [2]
- उपर्युक्त कथन का वक्ता कौन है? इस कथन के पीछे उनका क्या आशय है? [2]
- राव हेमू की तीन चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। [3]
- ‘मातृभूमि का मान’ एकांकी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। [3]
आकलन
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उत्तर
- अभय सिंह मेवाड़ के सेनापति थे, जो अपनी वीरता और स्वाभिमान के लिए प्रसिद्ध थे। वे मेवाड़ के शासक महाराणा लाखा का संदेश लेकर राव हेमू से मिलने आए थे।
- प्रस्तुत कथन के वक्ता राव हेमू हैं। इस कथन का आशय यह है कि राव हेमू बूँदी को हर स्थिति में स्वतंत्र रखना चाहते थे और उसकी सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार के युद्ध के लिए तैयार थे।
- राव हेमू बूँदी के शासक थे। वे अत्यंत स्वाभिमानी, देशभक्त, कर्तव्यनिष्ठ, आत्मनिर्भर और सच्चे राजपूत थे। उन्हें अपने राजपूत होने पर गर्व था।
- ‘मातृभूमि का मान’ एकांकी का उद्देश्य मातृभूमि के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को प्रकट करना तथा देशभक्ति को प्रोत्साहित करना है। इस एकांकी में यह स्पष्ट किया गया है कि राजपूत अपनी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते।
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