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प्रश्न
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| आखिर मीनू का हॉस्टल जाने का दिन आ ही गया उसके सामने एक उद्देश्य था, एक सपना था जो पूरा करना ही था। घर छोड़ते समय मीनू की आँखों में आँसू छलछला पड़े। कितना अजीब लग रहा था उसे घर छोड़ना। अपनी माँ से, भाई-बहन से पहली बार अलग हो रही थी। |
- मीनू अपने किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कहाँ जा रही थी? [2]
- हॉस्टल जाने से पूर्व मीनू के मन में क्या भाव उठे? उसकी आँखें क्यों छलछला पड़ी? [2]
- मीनू के जाने से पहले उसकी माँ और पिताजी हर रोज क्या बनाकर एवं क्या लाकर अपनास्नेह प्रदर्शित करते थे? माँ ने जाते समय मीनू को क्या आशीर्वाद दिया? [3]
- मीनू ने विवाह का सपना देखना क्यों छोड़ दिया था? उसका यह फैसला उसकी किस चारित्रिक विशेषता की ओर संकेत करता है? [3]
आकलन
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उत्तर
- मीनू बचपन से ही वकील बनने की इच्छा रखती थी। अपने इसी लक्ष्य को साकार करने के लिए वह हॉस्टल जाने वाली थी।
- जिस दिन मीनू को हॉस्टल जाना था, उस दिन उसके मन में अनेक भावनाएँ एक साथ उमड़ पड़ीं। एक ओर वह अपने सपने और उद्देश्य को पूरा करने को लेकर उत्साहित थी, वहीं दूसरी ओर घर से दूर जाने का दुःख भी था। पहली बार माँ-पिता और परिवार से अलग होने के कारण उसकी आँखें भर आईं।
- मीनू के हॉस्टल जाने से पहले उसके माता-पिता ने अपने स्नेह और प्रेम को अलग-अलग तरीकों से प्रकट किया। माँ प्रतिदिन मीन की पसंदीदा चीज़ें बनाकर उसे खिलाती थी। पिता भी कभी फल, कभी मिठाई और कभी उसकी मनपसंद वस्तुएँ लाकर उसका मन प्रसन्न करने का प्रयास करते थे। विदाई के समय माँ ने उसे गले लगाकर आशीर्वाद दिया-
- बेटी, अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कभी हार मत मानना।
- हमेशा ईमानदारी और परिश्रम के मार्ग पर चलना।
- ईश्वर तुम्हारी रक्षा करे और तुम्हें सफलता प्रदान करे।
- मीनू ने विवाह का सपना इसलिए त्याग दिया क्योंकि उसने अपने जीवन के लिए एक बड़ा उद्देश्य चुना था। वह केवल घर-गृहस्थी तक सीमित नहीं रहना चाहती थी, बल्कि अपने सपनों को पूरा कर आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। मीनू के इस निर्णय से उसके चरित्र की स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता, महत्वाकांक्षा, दूरदर्शिता तथा त्याग और बलिदान की भावना स्पष्ट रूप से सामने आती है।
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