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प्रश्न
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर सूचनाओं अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
| हमें किसी व्यवसाय के चुनने अथवा छोड़ने में चंचलता अथवा जल्दी नहीं करनी चाहिए। कभी-कभी जब मनुष्य अपने व्यवसाय में हजार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं होता तब उसे व्यवसाय बदलकर दूसरा चुनने की आवश्यकता अवश्य होती है। परंतु इससे यह भी सिद्ध होता है कि उसने व्यवसाय को चुनने में बड़ी गलती की। ऐसी गलतियाँ कई कारणों से - बुरी संगति, अचानक घटना, माता-पिता की बुद्धिहीनता अथवा अधूरी शिक्षा के कारण बहुधा हुआ करती हैं। परंतु युवावस्था में मन बहुत चंचल रहता है। किसी काम को खूब सोच-समझकर करना चाहिए। प्रायः ऐसा भी देखा जाता है कि अनेक युवक उस कार्य को करते हैं जिसमें वे कभी सफल नहीं हो सकते और कुछ युवक भ्रमवश उस व्यवसाय को छोड़ बैठते हैं जिसमें थोड़े ही अधिक परिश्रम से वे सफलीभूत हो जाते। ध्यान रखने की बात है कि जो व्यवसाय किसी भी दृष्टि से जितना ही अधिक अच्छा होगा, उसमें सफलता प्राप्त करने के लिए उतना ही अधिक समय और परिश्रम भी लगेगा। हाँ, जिस राह से हम जा रहे हैं उस राह में यदि सिंह मिल जाए तो हमारा यह सोचना बिलकुल स्वाभाविक होगा कि उस रास्ते के सिवा संसार में अन्य किसी रास्ते में सिंह आ ही नहीं सकता, परंतु बिना परिश्रम के कुछ भी नहीं मिल सकता। इसलिए बाधाओं का सामना करते हुए अपने एक बार के चुने हुए व्यवसाय में दृढतापूर्वक लगे रहना श्रेयस्कर है। बहुत से युवक अपनी योग्यता की डींग हाँके बिना संतुष्ट नहीं होते। |
(१) तालिका पूर्ण कीजिए: (२)

(२) उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यययुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- चंचल
- आवश्यक
- सफल
- योग्य
(३) ‘व्यवसाय के प्रति युवाओं का दृष्टिकोण’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
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उत्तर
(१)

(२)
- चंचलता
- आवश्यकता
- सफलता
- योग्यता
(३) युवा वर्ग अकसर व्यवसाय का चुनाव गंभीरतापूर्वक नहीं करते। बाद में पर्याप्त सफलता न मिलने पर कुछ युवक उस व्यवसाय को छोड़ देने हैं। ऐसा इसलिए होता है कि वे उस कार्य को करते है, जिसमें वे कभी सफल नहीं हो सकते थे। पर एक बार चुने गए व्यवसाय को छोड़कर वे दूसरी बड़ी गलती करते हैं। यदि चुने गए व्यवसाय में वे थोड़ा ही अधिक परिश्रम करते, तो उसमें सफल हो जाते। युवकों को यह बात गाँठ बाँध लेनी चाहिए कि बिना परिश्रम के कुछ भी नहीं मिल सकता। इसलिए उन्हें बाधाओं का सामना करते हुए एक बार चुने गए व्यवसाय में दृढ़तापूर्वक लगे रहना चाहिए। यही श्रेयस्कर है।
