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प्रश्न
निम्नलिखित वाक्यों को मिश्रित वाक्यों में बदलिए -
धत्! पगली ई भारतरत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं।
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उत्तर
धत्! पगली ई भारतरत्न हमको लुंगिया पे नाहीं, शहनईया पे मिला है,।
संबंधित प्रश्न
कोष्ठक मेंदी गई सूचना केअनुसार अर्थ केआधार पर वाक्य परिवर्तन करके फिर से लिखिए :
मेरे साथ न्याय नहीं हुआ है। (विधि वाक्य)
निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (✓) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है −
निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे।
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए:
मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर लिखिए:
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली।
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
इस बात के लिए ये गाँववाले ही जिम्मेदार हैं। (प्रश्नार्थक वाक्य)
वाक्य भेद पहचानकर लिखिए:
आपको सरदर्द कितने समय से है? (अर्थ के अनुसार)
सूचना के अनुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए:
क्या! उस गली में पेड़ भी हैं। (निषेधार्थक वाक्य)
निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
राम घर गया है।
'दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया।' इस मिश्रित वाक्य का संयुक्त वाक्य होगा -
'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी।' रचना के आधार पर वाक्य भेद है -
“उनकी नज़र मेरी ओर उठते ही मेरे प्राण निकले।” - इसका संयुक्त वाक्य बनेगा:
निम्नलिखित वाक्यों में मिश्र वाक्य है:
“जो नहीं जा सके उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।” - वाक्य का सरल वाक्य बनेगा:
‘मेरे बहुत प्रयत्न करने पर भी उस पहेली का हल मुझे नहीं मिला।’ रचना की दृष्टि से यह वाक्य कैसा वाक्य है?
निम्नलिखित कथनों में सही कथन है -
निम्नलिखित वाक्यों में सरल वाक्य का उदाहरण नहीं है -
नीचे लिखे वाक्यों में कौन-सा वाक्य सरल वाक्य नहीं है?
निम्नलिखित वाक्य के अर्थ के अनुसार भेद लिखिए:
कई दिनों से मैं तुम्हारे चौके में नहीं गई।
पाठों में आए अर्थ के अनुसार वाक्यों के दो-दो उदाहरण लिखिए।
