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निम्न उत्पादकता की समस्या के समाधान हेतु ‘सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन’ के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

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प्रश्न

निम्न उत्पादकता की समस्या के समाधान हेतु ‘सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन’ के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) के तहत शुरू किए गए राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (NMSA) का उद्देश्य निम्नलिखित प्रमुख कार्यों के माध्यम से भारतीय कृषि को एक अधिक लचीली और उत्पादक प्रणाली में बदलना है:

  1. वर्षा सिंचित क्षेत्र विकास (RAD): यह एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) को बढ़ावा देता है जिसमें फसल, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी शामिल हैं। यह विविधीकरण फसल खराब होने की संभावना को कम करता है और किसानों की निरंतर आय भी सुनिश्चित करता है।
  2. मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (SHM): यह मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को लागू करता है, जो किसानों को पोषक तत्वों की स्थिति का आकलन और अनुकूलित उर्वरक सिफारिशें प्रदान करता है ताकि मिट्टी की उर्वरता को खत्म होने से रोका जा सके और लागत कम की जा सके।
  3. ऑन-फार्म जल प्रबंधन (OFWM): यह सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम) और जल संचयन को प्रोत्साहित करके “प्रति बूंद अधिक फसल” पर ध्यान केंद्रित करता है। यह विशेष रूप से पानी की कमी वाले स्थानों में जल-उपयोग दक्षता को बढ़ाता है।
  4. जलवायु लचीलापन (CCSAMMN): यह जलवायु-अनुकूल तकनीकों के साथ-साथ वास्तविक समय के मौसम को विकसित और प्रसारित करता है, ताकि किसानों को अप्रत्याशित मौसम पैटर्न के अनुकूल होने में मदद मिल सके।
  5. कृषि-वानिकी: यह मिट्टी के कार्बनिक पदार्थों को सुधारने और अतिरिक्त राजस्व देने के लिए खेतों पर पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करता है, जो किसानों को जलवायु के झटकों से बचाता है।
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