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प्रश्न
निम्न कथन सत्य या असत्य हैं, सकारण स्पष्ट कीजिए।
संविधान का स्वरूप किसी जीवित दस्तावेज की तरह होता है।
निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य? सकारण स्पष्ट कीजिए:
संविधान का स्वरूप किसी जीवित दस्तावेज की तरह होता है।
सत्य या असत्य
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उत्तर
यह कथन सत्य है।
कारण:
- यद्यपि संविधान लिखित रूप में है, फिर भी वह केवल ग्रंथ में बंद नहीं रहकर सतत प्रवाहमान रहता है।
- संविधान में बदलती परिस्थितियों के अनुसार संशोधन करने का अधिकार संसद के पास है।
- संविधान की मूलभूत संरचना को क्षति पहुँचाए बिना जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए संसद ऐसा संशोधन कर सकती है। संविधान के इस प्रवहमान स्वभाव के कारण ही इसे एक जीवित दस्तावेज की तरह देखा जाता है।
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न्यायालय की भूमिका
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