हिंदी

नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो- उनकी अपनी चालाकी धरी रह गई।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

उनकी अपनी चालाकी धरी रह गई।

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

उनकी अपनी चालाकी काम नहीं आई।

shaalaa.com
राख की रस्सी
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: राख की रस्सी - राख की रस्सी [पृष्ठ ९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 5
अध्याय 1 राख की रस्सी
राख की रस्सी | Q 1. (घ) | पृष्ठ ९

संबंधित प्रश्न

तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

तुम्हारे विचार से वे किन-किन बातों के बारे में सोचकर परेशान होते थे?


"मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।”

मंत्री ने अपने बेटे को शहर क्यों भेजा था?


"मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।"

उसने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर में ही क्यों भेजा?


इस लड़की का तो सभी लोहा मान गए। था न सचमुच नहले पर दहला! तुम्हें भी यही करना होगा। तुम ऐसा कोई काम ढूंढो जिसे करने के लिए सूझबूझ की ज़रूरत हो। उसे एक कागज़ में लिखो और तुम सभी अपनी-अपनी चिट को एक डिब्बे में डाल दो। डिब्बे को बीच में रखकर उसके चारों ओर गोलाई में बैठ जाओ। अब एक-एक करके आओ, उस डिब्बे से एक चिट निकालकर पढ़ो और उसके लिए कोई उपाय सुझाओ। जिस बच्चे ने सबसे ज़्यादा उपाय सुझाए वह तुम्हारी कक्षा का ‘बीरबल होगा।


मंत्री ने बेटे से कहा, “पिछली बार भेड़ों के बाल उतार कर बेचना मुझे जरा भी पसंद नहीं आया।” 

क्या मंत्री को सचमुच यह बात पसंद नहीं आई थी? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।


पहली बार में मंत्री के बेटे ने भेड़ों के बाल बेच दिए और दूसरी बार में भेड़ों के सींग बेच डाले। जिन लोगों ने ये चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने भेड़ों के बालों और सींगों का क्या किया होगा? अपनी कल्पना से बताओ।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

चैन से जिंदगी चल रही थी।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

होशियारी उसे छूकर भी नहीं गई थी।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

 मैं इसका हल निकाल देती हूँ।


'लोनपो गार का बेटा होशियार नहीं था।'

‘होशियार’ और ‘चालाक’ में क्या फ़र्क होता है? किस आधार पर किसी को तुम चालाक या होशियार कह | सकती हो? इसी प्रकार ‘भोला’ और ‘बुद्ध के बारे में भी सोचो और कक्षा में चर्चा करो।


लड़की को तुम ‘समझदार’ कहोगी यो ‘बुद्धिमान’? क्यों?


कहानी में लोनपोगार के बेटे और लड़की को कोई नाम नहीं दिया गया है। नीचे तिब्बत में क्च्चों के नामकरण के. बारे में बताया गया है। यह परिचय पढ़ो और मनपसंद नाम छाँटकर बेटे और लड़की को कोई नाम दो।
नायिमा, डावा, मिगमार, लाखपा, नुखू, फू दोरजे ये क्या हैं? कोई खाने की चीज या घूमने की जगहों के नाम। जी नहीं, ये हैं तिब्बती बच्चों के कुछ नाम। ये सारे नाम तिब्बत में शुभ माने जाते हैं। ‘नायिमा’ नाम दिया जाता है रविवार को जन्म लेने वाले बच्चों को मानते हैं कि इससे बच्चे को उस दिन के देवता सूरज जैसी शक्ति मिलेगी और जब-जब उसका नाम पुकारा जाएगा, यह शक्ति बढ़ती जाएगी। सोमवार को जन्म लेने वाले बच्चों का नाम ‘डावा’ रखा जाता है। यह लड़का-लड़की दोनों को नाम हो सकता है। तिब्बती भाषा में डावा के दो मतलब होते हैं, सोमवार और चाँद । यानी डावा चाँद जैसी रोशनी फैलाएगी और अँधेरा दूर करेगी। तिब्बत में बुद्ध के स्त्री-पुरुष रूपों पर भी नामकरण करते हैं खासकर दोलमा नाम बहुत मिलता है। यह बुद्ध के स्त्री रूप तारा का ही तिब्बती नाम है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×