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मुझको मेरा अंत पता है पँखुरी-पँखुरी झर जाऊँगा लेकिन पहिले पवन परी संग एक-एक के घर जाऊँगा सूचनानुसार लिखिए- (i) ऐसी पंक्ति जिसमें आत्मसम्मान की बात है - ______

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प्रश्न

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

मुझको मेरा अंत पता है पँखुरी-पँखुरी झर जाऊँगा

लेकिन पहिले पवन परी संग एक-एक के घर जाऊँगा

भूल-चूक की माफी लेगी सबसे मेरी गंध कुमारी

उस दिन ये मंडी समझेगी किसको कहते हैं खुद्दारी

बिकने से बेहतर मर जाऊँ अपनी माटी में झर जाऊँ

मन ने तन पर लगा दिया जो वो प्रतिबंध नहीं बेचूँगा।

(1) सूचनानुसार लिखिए- (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें आत्मसम्मान की बात है - ______
  2. ऐसी पंक्ति जिसमें माफी माँगने का संदर्भ है - ______

(2) जीवन की सार्थकता पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

(1)

  1. उस दिन यह मंडी समझेगी किसे कहते हैं खुद्दारी।

  2. भूल-चूक की माफी लेगी सबको मेरी गंध कुमारी।

(2) जीवन दुखों से भरा है। हर पल एक कठिन परीक्षा है। तमाम अड़चनें जीवन को असफल करने की लगातार कोशिश करती हैं, परंतु यदि परिस्थितियों का मुकाबला किया जाए तो हम कई प्रकार की कठिनाइयों को दूर कर मुकाम हासिल कर सकते हैं। समाज, व्यक्ति व राष्ट्र के लिए लगातार कार्य करना ही जीवन का सर्वाधिक सार्थक स्वरूप है।

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अपनी गंध नहीं बेचूँगा
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