Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मञ्जूषायां प्रदक्तैः अष्ययश्ञक्यैः रिक्तस्थानानि पूरयत-
| तु, एव, तदा, किमर्थम्, पुरा, चिरम् |
______ सिन्धुलः नाम राजा आसीत्। सः ______ प्रजाः पर्यपालयत्। वृद्धावस्थायां तस्य एकः पुत्रः अभवत्। ______ सः अचिन्तयत् ______ न स्वपुत्रं भ्रातुः मुञ्जस्य उत्सङ्खं समर्पयामि। सिन्धुलः पुत्रं मुञ्जस्य उत्सङ्गे समर्प्यं ______ परलोकम् अगच्छत्। सिन्धुले दिवङ्गते मुञ्जस्य मनसि लोभः समुत्पनः। लोभाविष्टः सः "भोजस्य विनाशार्थं उपायं चिन्तितवान्।
Advertisements
उत्तर
पुरा सिन्धुलः नाम राजा आसीत्। सः चिरम् प्रजाः पर्यपालयत्। वृद्धावस्थायां तस्य एकः पुत्रः अभवत्। तदा सः अचिन्तयत् किमर्थम् न स्वपुत्रं भ्रातुः मुञ्जस्य उत्सङ्खं समर्पयामि। सिन्धुलः पुत्रं मुञ्जस्य उत्सङ्गे समर्प्यं एव परलोकम् अगच्छत्। सिन्धुले दिवङ्गते मुञ्जस्य मनसि लोभः समुत्पनः। लोभाविष्टः सः "भोजस्य विनाशार्थं उपायं चिन्तितवान्।
संबंधित प्रश्न
धारराज्ये को जा प्रजाः पर्यपालयत्?
सिन्धुलः कस्यै रज्यम् अयच्छत्?
सिन्धुलः कस्य उत्सङ्गे भोजं मुमोच?
मुञ्जः कं मुख्यामात्यं दूरोकृतवान्?
कः विच्छाय्वदनः अभूत्?
मुञ्जः कं समाकारितवान्?
सिन्धुलः किं विचारयामास?
सभायां कीदृशः ब्राह्मणः आगतवान्?
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
सिन्धुलस्य भोजः पुत्रः अभवत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
एकदा एकः ब्राह्मणः सभायाम् आगच्छत्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
मुञ्जः वह्नौ प्रवेशं निश्चितवान्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
मुञ्जः सभामागतं कापालिकं दण्डवत् प्राणमत्।
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| आलोक्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| दत्तम् | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| दूरीकृत्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कूरूत-
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| सम्प्रेष्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
जीव् + शतृ = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
मृ + क्त = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
चिन्त् + तव्यत् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
हन् + तव्यत् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + नी + तव्यत् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नि + शम् + ल्यप् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नम् + क्त्वा = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + कर्ण + ल्यप् = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
मन् + क्त्वा = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
नी + क्तवतु = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
आ + पद् + क्त = ______
प्रकृति -प्रत्ययं नियुज्य शष्वं लिखत-
हन् + क्तवतु= ______
उचित अर्थेन साह मेलनं कुरुत-
| (क) | निशीथं | गमिष्यति |
| (ख) | प्रणिपत्य | समुद्र |
| (ग) | निशम्य | समुद्र |
| (घ) | पाश्वं | प्रणम्य |
| (ङ) | विषिनि | श्रुत्वा |
| (च) | दशास्यान्तकः | समीपे |
| (छ) | दिवम् | वने |
| (ज) | अधीत्य | रमः |
| (झ) | महो दधौ | स्वर्गम् |
| (ञ) | मस्यति | पठित्वा |
उयाहरणानुसारं लिखत-
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
| व्यचिन्तयत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
| यास्यति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
| मारयिष्यति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
| कथयन्ति | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | कचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लड् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
| असि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
| यथा आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
| लोकाः | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
|
यथ- |
आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
| श्रीमता | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| शब्वः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
|
यथ- |
आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठौ | एकवचनम् |
| वह्नौ | ______ | ______ | ______ | ______ |
विशेषणं विशेष्येण साह योजयत-
| (क) | बालम् | राज्यम् |
| (ख) | दत्तम् | पुत्रम् |
| (ग) | दिवगते | भविष्यवाणीम् |
| (घ) | ज्योतिःशास्त्रपारंगतः | राजनि |
| (ङ) | इमाम् | वत्सराजम् |
| (च) | बद्गदेशाधीश्वरम् | ब्राह्मणः |
| (छ) | सन्तप्तः | ब्राह्मणः |
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
सिन्धुलः एन्यं मुञ्जाय॒ अयच्छत्।
