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मनुष्य का कान किस प्रकार कार्य करता है? विवेचना कीजिए। - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

मनुष्य का कान किस प्रकार कार्य करता है? विवेचना कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

बाहरी कान को ‘कर्ण पल्लव' कहा जाता है। यह आसपास के परिवेश से ध्वनि एकत्रित करता है। एकत्रित ध्वनि श्रवण नालिका से गुजरती है। श्रवण नालिका के सिरक पर एक पतली झिल्ली होती है जिसे कर्ण पटल या कर्ण पटह झिल्ली कहते हैं। जब माध्यम के संपीडन कर्ण पटह तक पहुँचते हैं तो झिल्ली के बाहर की ओर लगने वाला दाब बढ़ जाता है और यह कर्ण पटह को अंदर की ओर दबाता है। इसी प्रकार, विरलने के पहुंचने पर कर्ण पटह बाहर की ओर गति करता है। इस प्रकार कर्ण पटह कंपन करता है। मध्य कर्ण में विद्यमान तीन हड्डियाँ। (मुग्दरक, निहाई तथा वलयक (स्टिरप)। इन कंपनों को कई गुना बढ़ा देती हैं। मध्य कर्ण ध्वनि तरंगों से मिलने वाले इन दाबे परिवर्तनों को आंतरिक कर्ण तक संचरित कर देता है। आंतरिक कर्ण में कर्णावर्त Cochlea) द्वारा दाब परिवर्तनों को विद्युत संकेतों को श्रवण तंत्रिका द्वारा मस्तिष्क तक भेज दिया जाता है और मस्तिष्क इनकी ध्वनि के रूप में व्याख्या करता है।

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ध्वनि (संख्यात्मक)
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अध्याय 12: ध्वनि - अभ्यास [पृष्ठ १९७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 9
अध्याय 12 ध्वनि
अभ्यास | Q 22. | पृष्ठ १९७
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