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महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत के उपरांत की प्रमुख खोज क्या है, जिससे वैज्ञानिकों ने महासागर व महाद्वीपीय वितरण के अध्ययन में पुनः रुचि ली?

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प्रश्न

महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत के उपरांत की प्रमुख खोज क्या है, जिससे वैज्ञानिकों ने महासागर व महाद्वीपीय  वितरण के अध्ययन में पुनः रुचि ली? 

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

युद्धोत्तर काल के दौरान बहुत से महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत के उपरांत की खोजों ने भूवैज्ञानिक साहित्य को नई जानकारी प्रदान की। विशेष रूप से, समुद्र तल मानचित्रण से एकत्रित जानकारी महासागरों और महाद्वीपों के वितरण के अध्ययन के लिए नए आयाम प्रदान करती है।

  • मध्य महासागरीय कटकों के साथ-साथ ज्वालामुखी उद्गार सामान्य क्रिया है और ये उद्गार इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में लावा बाहर निकलते हैं।
  • महासागरीय कटक के मध्य भाग के दोनों तरफ समान दूरी पर पाई जाने वाली चट्टानों के निर्माण का समय, संरचना, संघटन और चुंबकीय गुणों में समानता पाई जाती है। महासागरीय काटकों के समीप की चट्टानों में सामान्य चुंबकत्व ध्रुवण पाई जाती है तथा ये चट्टानें नवीनतम है| कटकों के शीर्ष से दूर चट्टानों की आयु भी अधिक है।
  • महासागरीय पर्पटी की चट्टानें महाद्वीपीय पर्पटी की चट्टानों की अपेक्षा अधिक नई हैं। महासागरीय पर्पटी की चट्टानें कहीं भी 20 करोड़ वर्ष से अधिक पुरानी नहीं हैं।
  • गहरी खाइयों में भूकंप उद्गम अधिक गहराई पर हैं। जबकि मध्य-महासागरीय कटकों के क्षेत्र में भूकंप उद्गम केंद्र कम गहराई पर विद्यमान है।
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महाद्वीपीय प्रवाह
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अध्याय 4: महासागरों और महाद्वीपों का वितरण - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant [Hindi] Class 11
अध्याय 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण
अभ्यास | Q 3. (iii) | पृष्ठ ४०
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