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प्रश्न
“मेरे कमरे की खिड़की बगीचे की तरफ़ खुलती है। आज रविवार था इसलिए मैं देर तक सो रहा था।” - पंक्ति को आधार बनाकर लगभग 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।
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उत्तर
छोटी खुशियों का महत्व
मेरे कमरे की खिड़की बगीचे की तरफ़ खुलती है। आज रविवार था इसलिए मैं देर तक सो रहा था। अचानक पक्षियों की मधुर चहचहाहट और बच्चों की हँसी की आवाज़ से मेरी आँखें खुल गईं।
मैंने खिड़की से बाहर झाँका तो देखा कि बगीचे में छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे और कुछ बुज़ुर्ग लोग टहल रहे थे। एक छोटा बच्चा गिर पड़ा, तो दूसरे बच्चों ने तुरंत उसे उठाया और हँसाते हुए फिर खेलने लगे। यह दृश्य देखकर मेरे चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।
मैंने सोचा कि हम बड़े लोग छोटी-छोटी बातों में उलझकर खुशियाँ भूल जाते हैं, जबकि बच्चे हर पल का आनंद लेते हैं। उस दिन मैंने निश्चय किया कि अब मैं भी जीवन के हर छोटे-छोटे पल को खुशी से जीने की कोशिश करूँगा।
