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“मैं सोचा करता था कि मेरी मनुष्यता में अब कोई अपूर्णता नहीं रही।” उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित शब्द ‘अपूर्णता’ में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का ही प्रयोग चिह्नित किया गया है।

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प्रश्न

“मैं सोचा करता था कि मेरी मनुष्यता में अब कोई अपूर्णता नहीं रही।”

उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित शब्द ‘अपूर्णता’ में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का ही प्रयोग चिह्नित किया गया है। इस प्रयोग को समझकर नीचे दिए गए शब्दों में उपसर्ग और प्रत्यय शब्द पहचानकर लिखिए-

अलौकिक, निरक्षरता, सम्मानित, अनावश्यक, अपमानित, अभिमानी

शब्द उपसर्ग मूल शब्द प्रत्यय
अपूर्णता पूर्ण ता

(आपकी पाठ्यपुस्तक के ‘क्या लिखूँ?’ पाठ में भी उपसर्ग और प्रत्यय के प्रयोग के विषय में जानकारी दी गई है।)

व्याकरण
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उत्तर

शब्द उपसर्ग मूल शब्द प्रत्यय
अलौकिक लौकिक -
निरक्षरता निर् अक्षर ता
सम्मानित सम् मान इत
अनावश्यक अन् आवश्यक -
अपमानित अप मान इत
अभिमानी अभि मान
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अध्याय 7: मैं और मेरा देश - अभ्यास [पृष्ठ १३५]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
अध्याय 7 मैं और मेरा देश
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १३५
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