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‘मानो हँसी हिमालय की है, फूट चली करती कल गान।’ - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

‘मानो हँसी हिमालय की है,
फूट चली करती कल गान।’ - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

व्याकरण
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उत्तर

उत्प्रेक्षा अलंकार

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2025-2026 (March) 3/1/2

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