Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लगभग 80-100 शब्दों में उत्तर लिखिए:
‘मनुष्यता’ कविता के द्वारा कवि ने क्या प्रतिपादित करना चाहा है? विस्तार से स्पष्ट कीजिए।
स्पष्ट कीजिए
Advertisements
उत्तर
कवि अपनी कविता ‘मनुष्यता’ में परोपकार, मानवता, प्रेम, एकता, दया, करुणा, सहानुभूति, सद्भावना, त्याग और उदारता जैसे महान गुणों का समर्थन करना चाहता है। मानव को सभी प्रकार के आपसी भेदभाव छोड़कर सहयोगी भावना से विकास की राह पर चलना चाहिए। कवि ने उशीनर, रंतिदेव, कर्ण और दधिचि जैसे ऋषियों से त्याग की प्रेरणा लेने को कहा है। कवि कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति कभी खुद पर गर्व नहीं करना चाहिए। एकत्व और समत्व की भावना के साथ परस्पर विकास के पथ पर चलते रहना चाहिए। जिन लोगों ने सेवा, त्याग और बलिदान का जीवन जीता है और किसी बड़े कार्य को पूरा करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है, उनका जीवन सफल होता है और उनकी मृत्यु सुखद होती है।
shaalaa.com
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
