Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखिका महादेवी वर्मा के बचपन के समय लड़कियों के प्रति समाज की सोच कैसी थी? ‘मेरे बचपन के दिन पाठ’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
लेखिका महादेवी के बचपन अर्थात् बीसवीं शताब्दी के आसपास लड़कियों के प्रति समाज की सोच अच्छी नहीं थी। लोग लड़कियों को बोझ समझकर उनसे जल्द से जल्द छुटकारा पा लेना चाहते थे। वे लड़कियों के पैदा होते ही उन्हें मार देते थे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
डराने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है - पाठ के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिए।
पशुओं की किस गुप्त शक्ति से मनुष्य वंचित है?
मोती के उस कार्य का वर्णन कीजिए जिसके बदले वह आशीर्वाद पाने की अपेक्षा कर रहा था?
यात्रा-वृत्तांत गद्य साहित्य की एक विधा है। आपकी इस पाठ्यपुस्तक में कौन-कौन सी विधाएँ हैं? प्रस्तुत विधा उनसे किन मायनों में अलग है?
तिब्बत में यात्रियों के लिए कौन-सी अच्छी बातें हैं?
डाँड़े के प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण कीजिए।
‘खिड़की-दरवाजे खुले रखने के लिए किसने कहा था? इसका अर्थ भी स्पष्ट कीजिए।
उपभोक्तावादी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी संस्कृति के मूल तत्वों के लिए कितना घातक है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
साँवले सपनों का हुजूम कहाँ जा रहा है? उसे रोकना संभव क्यों नहीं है?
‘बर्ड-वाचर’ किसे कहा गया है और क्यों?
अंग्रेज़ों को मैना पर अपना क्रोध उतारने का अवसर मिल गया?
बिठूर पहुँचकर अंग्रेज सैनिक दल ने क्या किया?
सेनापति ‘हे’ दुखी होकर नाना साहब के राजमहल से क्यों चले गए?
अंग्रेज़ सैनिक नाना साहब के प्रासाद के भग्नावशेष पर क्यों गए?
उन कारणों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण सेनापति ‘हे’ महल को बचाने के लिए तैयार हो गया।
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो?
लेखक अपने जूते को अच्छा नहीं मानता वह अच्छा दिखता है, क्यों?
लेखक ने सदियों से परत-दर-परत’ कहकर किस ओर इशारा किया है?
महादेवी की रुचि लेखन में उत्पन्न करने में उनकी माँ का योगदान था, स्पष्ट कीजिए।
