हिंदी

लेखक ने प्रेमचंद को जनता के लेखक’ कहकर उनकी किस विशेषता को बताना चाहा है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लेखक ने प्रेमचंद को जनता के लेखक’ कहकर उनकी किस विशेषता को बताना चाहा है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

प्रेमचंद अपने युग के महान कथाकार और उपन्यासकार थे। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से उन्होंने खुद गरीबी एवं दुख को अत्यंत निकट से देखा था। इसके अलावा प्रेमचंद पराधीन भारत में भारतीय किसानों और मजदूरों के प्रति अंग्रेजों द्वारा किए गए अत्याचार को देखा था। वे समाज में व्याप्त रूढ़ियों, कुरीतियों और धार्मिक बुराइयों में फंसे लोगों को देख रहे थे। इन्हीं बातों को उन्होंने अपनी कृतियों का विषय बनाया है। पूस की रात’ में हलकू की समस्या, ‘गोदान’ .. में होरी की दुर्दशा, ‘मंत्र’ में डाक्टर चट्ढा की खेलप्रियता से सुजानभगत के बेटे की मृत्यु आदि का सजीव चित्रण करके जन सामान्य के दुख को मुखरित किया है। लेखक ने ‘जनता का लेखक’ कहकर जनसाधारण के प्रति उनके लगाव को बताना चाहा है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: प्रेमचंद के फटे जूते - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 1 [English] Class 9
अध्याय 6 प्रेमचंद के फटे जूते
अतिरिक्त प्रश्न | Q 14

संबंधित प्रश्न

बाढ़ की सही जानकारी लेने और बाढ़ का रूप देखने के लिए लेखक क्यों उत्सुक था?


विरासत के प्रति ठकुराइन की क्या सोच थी? उनकी इस सोच से आज के युवाओं को क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?


लेखिका को अपनी माँ और अन्य परंपरागत माताओं में क्या अंतर नज़र आया?


यात्रा-वृत्तांत के आधार पर तिब्बत की भौगोलिक स्थिति का शब्द-चित्र प्रस्तुत करें। वहाँ की स्थिति आपवेफ राज्य/शहर से किस प्रकार भिन्न है?


आपने भी किसी स्थान की यात्रा अवश्य की होगी? यात्रा के दौरान हुए अनुभवों को लिखकर प्रस्तुत करें।


किसी भी बात को अनेक प्रकार से कहा जा सकता है, जैसे -

सुबह होने से पहले हम गाँव में थे।

पौ फटने वाली थी कि हम गाँव में थे।

तारों की छाँव रहते-रहते हम गाँव पहुँच गए।

नीचे दिए गए वाक्य को अलग-अलग तरीके से लिखिए -

'जान नहीं पड़ता था कि घोड़ा आगे जा रहा है या पीछे।'


लेखक के अनुसार जीवन में 'सुख' से क्या अभिप्राय है?


आशय स्पष्ट कीजिए-

प्रतिष्ठा के अनेक रूप होते हैं, चाहे वे हास्यास्पद ही क्यों न हो।


पुरुषों का झुकाव सौंदर्य प्रसाधनों की ओर बढ़ा है। उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


उपभोक्तावादी संस्कृति के विभिन्न दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। आप उनका उल्लेख करते हुए इनसे बचने के उपाय बताइए।


इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा शैली की चार विशेषताएँ बताइए।


सालिम अली के इस सफ़र को अंतहीन क्यों कहा गया है?


आप किसी ऐसे बालक/बालिका के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए जिसने कोई बहादुरी का काम किया हो।


अंग्रेजों ने नाना साहब के लिए किस विशेषण का प्रयोग किया है और क्यों?


मैना ने सेनापति ‘हे’ को अपना परिचय किस तरह दिया और क्यों?


पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।


लेखक ने प्रेमचंद की दशा का वर्णन करते-करते अपने बारे में भी कुछ कहकर लेखकों की स्थिति पर प्रकाश डाला है। ‘प्रेमचंद’ और लेखक ‘परसाई’ में आपको क्या-क्या समानता-विषमता दिखाई देती है? लिखिए।


जवारा के नवाब की बेगम ने सांप्रदायिक सौहार्द फैलाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया, कैसे? मेरे बचपन के दिन पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


ज़ेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। ज़ेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×