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प्रश्न
क्या आपके विचार से आज महाजन और बैंकर उसी तरह का प्रभाव रखते हैं, जैसाकिं वे अठारहवीं शताब्दी में रखा करते थे?
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
हमारे विचार में आज महाजन और बैंकर उस तरह का प्रभाव नहीं रखते, क्योंकि 18वीं सदी में महाजन और बैंकर निम्न तरीके से राज्य को प्रभावित करते थे
- राज्य ऋण प्राप्त करने के लिए स्थानीय सेठ, साहूकारों और महाजनों पर निर्भर रहता था।
- साहूकार महाजन लोग लगान वसूल करने वाले इजारेदारों को पैसा उधार देते थे, बदले में बंधक के रूप में जमीन रख लेते थे।
- साहूकार महाजन जैसे कई नए सामाजिक समूह राज्य की राजस्व प्रणाली के प्रबंध को भी प्रभावित करने लगे थे।
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मुग़ल साम्राज्य और परवर्ती मुग़लों के लिए संकट की स्थिति
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निम्नलिखित में मेल बैठाएँ:
| सूबेदार | एक राजस्व कृषक |
| फ़ौजदार | उच्च अभीजात |
| इजारादर | प्रांतीय सूबेदार |
| मिस्ल | मराठा कृषक योद्धा |
| चौथ | एक मुग़ल सैन्य कमांडर |
| कुनबी | सिख योद्धाओं का समूह |
| उमरा | मराठों द्वारा लगाया गया कर |
अवध राज्य का संस्थापक ______ था।
बताएँ सही या गलत:
पुणे अठारहवीं शताब्दी में मराठों की राजधानी बना।
क्या अध्याय में उल्लिखित कोई भी राज्य आपके अपने प्रांत में विकसित हुए थे? यदि हाँ, तो आपके विचार से अठारहवीं शताब्दी का जनजीवन आगे इक्कीसवीं शताब्दी के जनजीवन से किस रूप में भिन्न था?
