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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

कविता (उड़ चल, हारिल) की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

कविता (उड़ चल, हारिल) की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ लिखिए।

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उत्तर

कवि कहते हैं कि पूर्व दिशा में उषा का आगमन हो चूका है। नये दिन का आगमन हो चुका है। नये दिन की चुनौतियाँ हमारे सामने है। हमें अकेले भी इन चुनौतियाँ का सामना करने के लिए हारिल की तरह हाथ में तिनका लेकर प्रगति-पथ पर चल देना चाहिए।

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उड़ चल, हारिल
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अध्याय 1.01: उड़ चल, हारिल - स्वाध्याय [पृष्ठ २]

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बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 1.01 उड़ चल, हारिल
स्वाध्याय | Q (६) | पृष्ठ २
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