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प्रश्न
‘क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी.एफ.सी.) नामक याैगिक की खोज प्रशीतन केक्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धि रही ।’ स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
सन 1930 से पहले प्रशीतन के लिए अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड गैसों का इस्तेमाल किया जाता था, जो अत्यंत तीक्ष्ण होने के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं। तीस के दशक में थॉमस मिडले द्वारा क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी. एफ. सी.) नामक यौगिक की खोज प्रशीतन के क्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धि रही। ये रसायन रंगहीन, गंधहीन, अक्रियाशील होने के साथ ही ज्वलनशील होने के कारण आदर्श प्रशीतक माने गए। परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर सी एफ सी यौगिकों का उत्पादन होने लगा और घरेलू कीटनाशक, प्रसाधन सामग्री, दवाएँ, रंग-रोगन, यहाँ तक कि रेफ्रीजिरेटर और एयरकंडिशनर में इनका खूब इस्तेमाल होने लगा।
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