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प्रश्न
"किताबें" काव्य का रचना बोध लिखिए।
टिप्पणी लिखिए
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उत्तर
प्रस्तुत कविता में गुलजार जी ने पुस्तकें पढ़ने का सुख, कंप्यूटर के कारण पुस्तकों के प्रति अरुचि, पुस्तकों और मनुष्यों के बीच बढ़ती दूरी और उससे उत्पन्न दर्द को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया है।
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किताबें
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पाठ के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए:
किताबों की अब बनी आदत ______
पाठ के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए:
किताबें जो रिश्ते सुनाती थीं ______
लिखिए:

आकृति:

प्रथम पाँच पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं ।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर ........
