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प्रश्न
किसी एक चरण का भावार्थ लिखिए।
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उत्तर
सबको जीवन देने वाली करती सदा भलाई रे ।
कल-कल करती नदिया कहती, मुझे बचा लो भाई रे ।।
भावार्थ:
नदी सबको जल रूपी जीवन देकर सबकी भलाई का काम करती है और यह नदी कल-कल करके बहती हुई सबको यह बताती है की मुझे बचा लो मेरा जीवन संकट में है तथा यह नदी सदैव अपनी मर्यादा में रहकर बहती हैं तथा वह यह कहना चाहती है की जो भी मुझे पुकारता है में उसे अपना अमृत जैसा जल देकर सबकी प्यास बुझाती हु। मेरा जीवन परोपकार का है।
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