हिंदी

कायिक प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं ? कोई दो उपयुक्त उदाहरण दो।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कायिक प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं ? कोई दो उपयुक्त उदाहरण दो।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

कायिक प्रवर्धन जनन की ऐसी विधि है जिसमें पौधे के शरीर का कोई भी कायिक भाग प्रवर्धक का कार्य करता है तथा नये पौधे में विकसित हो जाता है। मातृ पौधे के कायिक अंग; जैसे-जड़, तना, पत्ती, कलिका आदि से नये पौधे का पुनर्जनन, कायिक प्रवर्धन कहलाता है। कायिक प्रवर्धन के दो उदाहरण निम्न हैं –

  1. अजूबा (Bryophyllum) के पौधे में पत्तियों के किनारों से पादपकाय उत्पन्न होते हैं जो मातृ पौधे से अलग होकर नये पौधे को जन्म देते हैं।
  2. आलू के कन्द में उपस्थित पर्वसन्धियाँ (nodes) कायिक प्रवर्धन में सहायक होती हैं। पर्वसन्धियों में कलिकाएँ स्थित होती हैं तथा प्रत्येक कलिको नये पौधे को जन्म देती है।
shaalaa.com
लैंगिक जनन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

अलैगिक जनन द्वारा बनी सन्तति लैगिक जनन द्वारा बनी सन्तति से किस प्रकार से भिन्न है?


व्याख्या कीजिए –

जीर्णता चरण या जीर्णावस्था।


अपनी जटिलता के बावजूद बड़े जीवों ने लैगिक प्रजनन को पाया है, क्यों ?


प्रत्येक पुष्पीय पादप के भाग को पहचानिए तथा लिखिए कि वह अगुणित (n) है या द्विगुणित (2n)

  1. अण्डाशय
  2. परागकोश
  3. अण्डा या डिम्ब
  4. पराग
  5. नर युग्मक
  6. युग्मनज

बाह्य निषेचन की व्याख्या कीजिए। इसके नुकसान बताइए।


जूस्पोर (अलैगिक चल बीजाणु) तथा युग्मनज के बीच विभेद करें।


एक पुष्प में निषेचन-पश्च परिवर्तनों की व्याख्या कीजिए।


किसी भी कुकुरबिट पादप के कुछ पुष्पों की जाँच कीजिए और पुंकेसरी व स्त्रीकेसरी पुष्पों को पहचानने की कोशिश कीजिए। क्या आप अन्य एकलिंगी पौधों के नाम जानते हैं?


युग्मकजनन एवं भ्रूणोद्भव के बीच अन्तर स्पष्ट कीजिए।


अलैगिक तथा लैगिक जनन के मध्य विभेद स्थापित करो। कायिक जनन को प्रारूपिक अलैगिक जनन क्यों माना गया है ?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×