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जैविक कृषि के लाभ और सीमाएँ स्पष्ट करें। - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

जैविक कृषि के लाभ और सीमाएँ स्पष्ट करें।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

  • लाभ -
  1. जैविक कृषि महँगे आगतों जैसे संकर बीजों, रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों आदि के स्थान पर स्थानीय रूप से बने जैविक आगतों के प्रयोग पर निर्भर होती है।
  2. ये आगते सस्ती होती हैं और इसके कारण इन पर निवेश से प्रतिफल अधिक मिलता है।
  3. विश्व बाजारों में जैविक कृषि उत्पादों की बढ़ती हुई माँग के कारण इनके निर्यात से भी अच्छी आय हो सकती है।
  4. जैविक कृषि हमें परंपरागत कृषि की तुलना में अधिक स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराती है।
  5. ये उत्पाद पर्यावरण की दृष्टि से धारणीय विधियों द्वारा उत्पादित होते हैं।
  6. यह छोटे किसानों के लिए अधिक उपयुक्त हैं जो महँगे कीटनाशक, उर्वरक तथा अन्य आगतों का खर्च नहीं उठा सकते।
  • सीमाएँ -
  1. प्रारंभिक वर्षों में जैविक कृषि की लागत रासायनिक कृषि से उच्च रहती है।
  2. जैविक कृषि की लोकप्रियता के लिए नई विधियों का प्रयोग करने में किसानों की इच्छाशक्ति और जागरूकता जगाना आवश्यक है।
  3. इन उत्पादों के लिए अलग से कोई उचित आधारिक संरचना एवं विपणन सुविधाओं की कमी है। जैविक कृषि के लिए एक उपयुक्त कृषि नीति अपनाई जानी चाहिए।
  4. प्रारंभिक वर्षों में जैविक कृषि से उत्पादन, रासायनिक कृषि से उत्पादकता से कम होता है। अत: बहुत बड़े स्तर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए इसे अपनाना कठिन होता है।
  5. बे मौसमी फसलों का जैविक कृषि में उत्पादन बहुत सीमित होता है।
  6. जैविक रूप से उत्पादित खाद्य पदार्थ महँगे होते हैं। अत: भारत जैसे गरीब देश इसका वहन नहीं कर सकता।
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धारणीय विकास और जैविक कृषि
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: ग्रामीण विकास - अभ्यास [पृष्ठ ११८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Economics [English] Class 12
अध्याय 6 ग्रामीण विकास
अभ्यास | Q 16. | पृष्ठ ११८
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