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प्रश्न
‘जाड़े की शाम थी। आज रोज़ की तुलना में कोहरा अधिक ही घना था। मैं अपनी नृत्य-कक्षा से लौट रहा था।’ ...... - पंक्ति को आधार बनाकर लगभग 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।
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उत्तर
कोहरे में मिली सीख
जाड़े की शाम थी। आज रोज़ की तुलना में कोहरा अधिक ही घना था। मैं अपनी नृत्य-कक्षा से लौट रहा था। रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए मैं धीरे-धीरे चल रहा था। तभी मुझे सड़क किनारे एक बुज़ुर्ग व्यक्ति दिखाई दिए, जो रास्ता पार करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोहरे के कारण घबरा रहे थे।
मैं तुरंत उनके पास गया और उनका हाथ पकड़कर उन्हें सुरक्षित सड़क पार करवा दिया। उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया और आशीर्वाद भी दिया। उनकी मुस्कान देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।
उस दिन मुझे समझ आया कि दूसरों की मदद करने से मन को सच्ची खुशी मिलती है। मैंने निश्चय किया कि आगे भी जरूरतमंद लोगों की सहायता करता रहूँगा।
