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हम चलते सीना तान के कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में स्पष्ट करो। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

हम चलते सीना तान के कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में स्पष्ट करो।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

यह कविता भारतीय सैनिकों के साहस, वीरता और बलिदान की भावना को प्रकट करती है। इसमें सैनिकों का दृढ़ निश्चय, देशभक्ति, और मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम झलकता है।

कवि ने सैनिकों की एकता को रेखांकित करते हुए बताया है कि चाहे धर्म, जाति, भाषा अलग हो, लेकिन देशप्रेम में सभी एक हैं। सैनिक अपने प्राणों की आहुति देकर भी भारत माता की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

वे वीरता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं और कठिनाइयों से नहीं घबराते। उनका उद्देश्य है देश की आन-बान-शान की रक्षा करना।

कविता का हर छंद यही संदेश देता है कि देशप्रेम, बलिदान और मातृभूमि के लिए मर-मिटने का साहस हर सैनिक के मन में है।

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पद्य (7th Standard)
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अध्याय 2.08: हम चलते सीना तान के - अध्याय [पृष्ठ ५०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 2.08 हम चलते सीना तान के
अध्याय | Q (३) | पृष्ठ ५०
बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik [Marathi] Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 16.1 हम चलते सीना तान के
पाठ्य प्रश्न | Q ११. ३. | पृष्ठ ६५
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