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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

घरो के कचरे का विघटन ठीक से होने के लिए कौन-सी सावधानी बरतनी आवश्यक है? - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

घरो के कचरे का विघटन ठीक से होने के लिए कौन-सी सावधानी बरतनी आवश्यक है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

घर के कचरे में जैव अपघटनशील तथा जैव अनपघटनशील पदार्थ हो सकते है। सामान्यतया जैव अपघटनशील तथा जैव अनपघटनशील कचरे को क्रमशः गीला और सूखा कचरा कहते हैं। अतः इन दोनों प्रकार के कचरे को ठीक ढंग से अलग - अलग करना चाहिए। इस प्रकार के कचरे को अलग-अलग करने के पश्चात, प्रत्येक प्रकार के कचरे को दो भिन्न-भिन्न पात्रों में भर देना चाहिए। जैव अनपघटनशील पदार्थों का पुर्नउपयोग करना चाहिए या उन्हें पुनर्चक्रीकरण के लिए भेज देना चाहिए। जैव अपघटनशील पदार्थ प्राकृतिक रूप से अपघटित होते हैं।
इन पदार्थों की अपघटन प्रक्रिया घर में रखे हुए पात्र या पानी की खाली टंकी में भी की जा सकती है। जैव अपघटनशील पदार्थों के अपघटन के पश्चात बढ़िया खाद प्राप्त होगी।
इस खाद को बनाने के लिए किसी खाली पात्र या टंकी में गीला जैव अपघटनशील कचरा भरकर उसे मिट्टी की पतली परत से ढूँक देना चाहिए। इस पात्र या टंकी को हवादार स्थान या कमरे में रख देना चाहिए। कुछ दिनों के पश्चात प्राकृतिक रूप से यह खाद तैयार हो जाएगी।
कभी भी जैव अनपघटनशील पदार्थ, जैसे प्लास्टीक की वस्तुएँ, काँच के टुकड़े, धातुओं की वस्तुएँ, अनुपयोगी दवाईयाँ, ई-कचरा इत्यादि को गीले स्थानों पर नहीं फेंकना चाहिए। यदि गीले कचरे में विषैले पदार्थ और कीटनाशक दवाईयाँ मिला दी जाए, तो गीले कचरे का प्राकृतिक अपघटन नहीं होगा अतएव, उचित सावधानी लेने पर ही, हम घरेलू कचरे का उचित ढंग से अपघटन कर सकते हैं।

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अध्याय 7: पहचान सूक्ष्मजीव विज्ञान की - स्वाध्याय [पृष्ठ ८६]

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बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 7 पहचान सूक्ष्मजीव विज्ञान की
स्वाध्याय | Q 3. ए. | पृष्ठ ८६
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