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प्रश्न
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
कौसल्यायन जी ने 'संस्कृति' किसे कहा है?
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
कौसल्यायन के अनुसार, मनुष्य की वह कुशलता, प्रवृत्ति या प्रेरणा जो उसे दूसरों के लाभ के लिए कुछ भी आविष्कार करने के लिए प्रेरित करती है, उसे मानव संस्कृति कहते हैं। संस्कृति वह है जो मनुष्य को दूसरों की भलाई के लिए सब कुछ देने के लिए प्रेरित करती है।
इस प्रकार, संस्कृति एक सूक्ष्म गुण है। इसमें चिंतन, मनन और ध्यान जैसी प्रवृत्तियाँ शामिल हैं। संस्कार संस्कृति की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। उनके अनुसार, संस्कृति वह है जो मनुष्य के मानसिक, नैतिक और आत्मिक विकास में सहायक होती है, जिससे समाज और व्यक्तित्व का विकास होता है।
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