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फाइलेरिया (फाइलेरिएसिस) के रोगजनक फाइलेरिआई कृमि की दो जातियों (स्पीशीज़) के वैज्ञानिक (तकनीकी) नाम लिखिए। संक्रमित व्यक्ति के शरीर पर वे क्या प्रभाव डालते हैं? रोग किस प्रकार फैलता है? - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

फाइलेरिया (फाइलेरिएसिस) के रोगजनक फाइलेरिआई कृमि की दो जातियों (स्पीशीज़) के वैज्ञानिक (तकनीकी) नाम लिखिए। संक्रमित व्यक्ति के शरीर पर वे क्या प्रभाव डालते हैं? रोग किस प्रकार फैलता है?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

फाइलेरिया (फाइलेरिएसिस) के रोगजनक कृमियों की दो प्रमुख जातियाँ (स्पीशीज़):

  • वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी
  • ब्रुगिया मलयि

संक्रमित व्यक्ति पर प्रभाव:

  • लसीका तंत्र में अवरोध उत्पन्न करते हैं।
  • पैरों, हाथों, अंडकोष आदि में अत्यधिक सूजन (हाथीपाँव रोग)।
  • त्वचा मोटी और खुरदरी हो जाती है।
  • बुखार और दर्द हो सकते हैं।

रोग का फैलाव:

  • यह रोग मच्छरों के काटने से फैलता है।
  • संक्रमित व्यक्ति के रक्त में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया मच्छर के शरीर में चले जाते हैं।
  • वही मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो परजीवी उसके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
  • इस प्रकार रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
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