Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन किम् अनुसर्तव्यम्?
Advertisements
उत्तर
मनुजेन सतां वर्त्म अनुसर्तव्यम्।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एकवाक्येन उत्तरत।
आस्यं कीदृशम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
ईश्वरेण विहर्तुं किं दत्तम्?
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| आस्यं दत्तम् | वक्तुम् | वचनार्थम्/______ |
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| घ्राणं दत्तम् | ______ | घ्राणार्थम्/______ |
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| नेत्रे दत्ते | द्रष्टुम् | ______/दर्शनाय |
एकवाक्येन उत्तरत।
के केतकीम् आजिघ्रन्ति?
सत्यं वा असत्यं लिखत।
सज्जना: दूतत्वं कुर्वन्ति।
सत्यं वा असत्यं लिखत।
षट्पदाः स्वयम् आयान्ति।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
आगच्छन्ति - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
दूरे × ______
एकवाक्येन उत्तरत।
धेनवः जलाशयात् किं पिबन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
लोकमातर: का:?
श्लोकात् त्वान्त-अव्यये चित्वा लिखत।
एकवचने परिवर्तयत।
लोकमातरः धेनवः शुष्काणि तृणानि खादन्ति।
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन किं न कर्तव्यम्?
तालिकां पूरयत।
| धातुः | त्वान्त/ल्यबन्तरूपम् | नरूपम् |
| उत् + सृज् | ______ | अनुत्सृज्य |
योग्यं रूपं चिनुत।
षष्ठी - ______
एकवाक्येन उत्तरत।
के कार्यं न प्रारभन्ते?
एकवाक्येन उत्तरत।
के मध्ये विरमन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
के प्रारब्धं कार्यं न परित्यजन्ति?
श्लोकात् प्रथमाविभक्तेः तथा तृतीयाविभक्तेः रूपाणि चिनुत लिखत च।
समानार्थकशब्दैः वाक्यं पुनर्लिखत।
स्थानभ्रष्टाः दन्ताः केशा: नखाः नरा: न शोभन्ते।
श्लोकात प्रथमाविभक्ते: रूपाणि चित्वा लिखत।
एकवाक्येन उत्तरत।
नरः किं न त्यजेत्?
एकवाक्येन उत्तरत।
अनुद्यमेन किं प्राप्तुं न शक्यते?
सत्यम् असत्यं वा इति लिखत।
नरः उद्यमं सञ्चिन्तयेत्।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
दैवम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
आलस्यम् - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
सञ्चिन्त्य - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
तिलेभ्यः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
दुष्टः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
भूरि - ______
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
नरः - ______
