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प्रश्न
एक उदाहरण देते हुए निम्नलिखित में उपसहसंयोजन यौगिक की भूमिका का संक्षिप्त विवेचना कीजिए –
धातुओं का निष्कर्षण/धातु कर्म
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उत्तर
धातुओं की कुछ प्रमुख निष्कर्षण विधियों में जैसे सिल्वर तथा गोल्ड के लिए संकुल विरचन का उपयोग होता है। उदाहरणार्थ, ऑक्सीजन तथा जल की उपस्थिति में गोल्ड, सायनाइड आयन से संयोजित होकर जलीय विलयन में उपसहसंयोजन सत्ता, [Au(CN)2]– बनाता है। इस विलयन में जिंक मिलाकर गोल्ड को पृथक् किया जा सकता है।
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कीलेटी कर्मक में एक धातु आयन से आबंधन के लिए दो अथवा दो से अधिक दाता परमाणु होते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कीलेटी कर्मक नहीं है?
कॉलम I में दिए गए उपसहसंयोजन यौगिकों और कॉलम II में दिए केंद्रीय धात्विक परमाणुओं को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (उपसहसंयोजन यौगिक) | कॉलम II (केंद्रीय धात्विक परमाणु) |
| (A) क्लोरोफिल | (1) रोडियम |
| (B) रक्त वर्णक | (2) कोबाल्ट |
| (C) विल्किंसन उत्परेरक | (3) कैल्सियम |
| (D) विटामिन B12 | (4) आयरन |
| (5) मैग्नीशियम |
