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एक लम्बे, सीधे, क्षैतिज केबल में 2.5 A धारा, 10° दक्षिण-पश्चिम से 10° उत्तर-पूर्व की ओर प्रवाहित हो रही है। इस स्थान पर चुम्बकीय याम्योत्तर भौगोलिक याम्योत्तर के 10° पश्चिम में है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

एक लम्बे, सीधे, क्षैतिज केबल में 2.5 A धारा, 10° दक्षिण-पश्चिम से 10° उत्तर-पूर्व की ओर प्रवाहित हो रही है। इस स्थान पर चुम्बकीय याम्योत्तर भौगोलिक याम्योत्तर के 10° पश्चिम में है। यहाँ पृथ्वी का चुम्बकीय-क्षेत्र 0.33 G एवं नति कोण शून्य है। उदासीन बिन्दुओं की रेखा निर्धारित कीजिए। (केबल की मोटाई की उपेक्षा कर सकते हैं।) (उदासीन बिन्दुओं पर, धारावाही केबल द्वारा चुम्बकीय-क्षेत्र, पृथ्वी के क्षैतिज घटक के चुम्बकीय-क्षेत्र के समान एवं विपरीत दिशा में होता है।)

संख्यात्मक
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उत्तर

दिया है, पृथ्वी का क्षेत्र B = 0.33 × 10-4 T, नति कोण δ = 0° 

∴ पृथ्वी के क्षेत्र का क्षैतिज घटक BH = B cos δ = 0.33 × 10-4 T

माना उदासीन बिन्दु तार से α दूरी पर है, तब

तार के कारण α दूरी पर चुम्बकीय-क्षेत्र = `mu_0/(2pi)*"i"/α`

∴ उदासीन बिन्दु पर `"B"_"H" = mu_0/(2pi) * "i"/α`

`=> α = mu_0/(2pi)*"i"/"B"_"H"`

`= (4pi xx 10^-7)/(2pi) xx 2.5/(0.33 xx 10^-4)`

= 1.5 × 10-2 m

= 1.5 cm

इस प्रकार उदासीन बिन्दु रेखा केबल के समान्तर ऊपर की ओर केबल से 1.5 cm की दूरी पर होगी।

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चुंबकीकरण एवं चुंबकीय तीव्रता
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अध्याय 5: चुंबकत्व एवं द्रव्य - अभ्यास [पृष्ठ २०२]

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एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 5 चुंबकत्व एवं द्रव्य
अभ्यास | Q 5.18 | पृष्ठ २०२

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