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प्रश्न
एक बेलनाकार संधारित्र में 15 cm लम्बाई एवं त्रिज्याएँ 1.5 cm तथा 1.4 cm के दो समाक्ष बेलन हैं। बाहरी बेलन भू-सम्पर्कित है और भीतरी बेलन को 3.5 μF का आवेश दिया गया है। निकाय की धारिता और भीतरी बेलन का विभव ज्ञात कीजिए। अन्त्य प्रभाव (अर्थात सिरों पर क्षेत्र रेखाओं का मुड़ना) की उपेक्षा कर सकते हैं।
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उत्तर
बेलनाकार संधारित्र की धारिता
C = `2piepsilon_0 l/(2.303 log_10 ("b"/"a"))`
यहाँ l = 0.15 m, a = 1.4 cm, b = 1.5 cm, Q = 3.5 μC
`therefore "C" = 1/(2 xx 9 xx 10^9) xx 0.15/(2.303 log_10 (1.5/1.4)) = 0.15/(18 xx 10^9 xx 2.303 xx 0.0299)`
`= 1.21 xx 10^-10`F
= 121 pF
= `1.2 xx 10^-10`F
संधारित्र का विभवान्तर V = `"Q"/"C" = (3.5 xx 10^-6)/(121 xx 10^-12) = 2.89 xx 10^4`V
∵ बाहरी बेलन का विभव = 0
∴ भीतरी बेलन का विभव = `2.89 xx 10^4`V या `2.9 xx 10^4`V
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