दी गई अभिक्रियाओं को निम्नलिखित समीकरणों की सहायता से समझाया जा सकता है:

एक ऐरोमैटिक यौगिक ‘A’ जलीय अमोनिया के साथ गरम करने पर यौगिक ‘B’ बनाता है जो Br2 एवं KOH के साथ गरम करने पर अणु सूत्र C6H7N वाला यौगिक ‘C’ बनाता है। A, B एवं C यौगिकों की संरचना एवं इनके आइयूपीएसी नाम लिखिए।
यह दिया गया है कि यौगिक ‘C’ का अणुसूत्र C6H7N है और यह यौगिक ‘B’ को Br2 और KOH के साथ गरम करने पर प्राप्त होता है। यह प्रतिक्रिया हॉफमान ब्रोमेमाइड अभिक्रिया कहलाती है। अतः यौगिक ‘B’ एक ऐमाइड है और यौगिक ‘C’ एक ऐमीन है। C6H7N अणु सूत्र वाला एकमात्र ऐमीन ऐनिलीन (C6H5NH2) है।

अतः, यौगिक ‘B’ (जिससे ‘C’ बनता है) अवश्य ही बेन्जेमाइड (C6H5CONH2) होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, बेन्जेमाइड यौगिक ‘A’ को जलीय अमोनिया के साथ गरम करने पर प्राप्त होता है। अतः, यौगिक ‘A’ अवश्य ही बेन्जोइक अम्ल होना चाहिए।

दी गई अभिक्रियाओं को निम्नलिखित समीकरणों की सहायता से समझाया जा सकता है:

निम्नलिखित के कारण बताइए।
प्राथमिक ऐमीन के संश्लेषण में गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण को प्राथमिकता दी जाती है।
आप मेथेनॉल को एथेनॉइक अम्ल में कैसे परिवर्तित करेंगे?
आप एथेनॉइक अम्ल को प्रोपेनॉइक अम्ल में कैसे परिवर्तित करेंगे?
आप मेथेनेमीन को एथेनेमीन में कैसे परिवर्तित करेंगे?
निम्नलिखित पर लघु टिप्पणी लिखिए।
हॉफमान ब्रोमेमाइड अभिक्रिया
निम्न परिवर्तन निष्पादित कीजिए।
बेन्ज़ोइक अम्ल से ऐनिलीन
निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{CH3CH2I ->[NaCN] A ->[OH-][{आंशिक जलयोजन}] B ->[NaOH + Br2] C}\]
निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{CH3CH2Br ->[KCN] A ->[LiAlH4] B ->[HNO2][0^\circ C] C}\]
निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{C6H5NO2 ->[Fe/HCl] A ->[NaNO2 + HCl][273 K] B ->[H2O/H+][\Delta] C}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5N2Cl + H3PO2 + H2O ->}\]