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प्रश्न
दोहे प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में अर्थ सहित दोहे प्रस्तुत कीजिए।
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उत्तर
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।
अर्थ: कबीर के अनुसार जबे मैं इस संसार में बुराई खोजने चला तो मुझे कोई बुरों नहीं मिला।
जब मैंने अपने भीतर झाँककर देखा तो पाया कि औरों में बुराई खोजने वाले अर्थात मुझ जैसे इंसान से बुरा कोई नहीं है |
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