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डॉ. मुकेश गौतम जी की रचनाएँ लिखिए। - Hindi

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प्रश्न

डॉ. मुकेश गौतम जी की रचनाएँ लिखिए।

टिप्पणी लिखिए
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उत्तर

  1. अपनों के बीच
  2. सतह और शिखर
  3. सच्चाइयों के रू-ब-रू
  4. वृक्षों के हक में
  5. लगातार कविता
  6. प्रेम समर्थक हैं पेड़
  7. इसकी क्या जरूरत थी (कविता संग्रह)
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पेड़ होने का अर्थ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: पेड़ होने का अर्थ - साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान [पृष्ठ ४०]

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बालभारती Hindi Yuvakbharati [English] Standard 12 Maharashtra State Board
अध्याय 7 पेड़ होने का अर्थ
साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान | Q 2 | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्न

लिखिए :

पेड़ का बुलंद हौसला सूचित करने वाली दो पंक्तियाँ :

(१) ____________

(२) ____________


कृति पूर्ण कीजिए :


‘पेड़ मनुष्य का परम हितैषी’, इस विषय पर अपना मंतव्य लिखिए।


‘भारतीय संस्कृति मेंपेड़ का महत्त्व’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।


नयी कविता का परिचय दीजिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'पेड़ होने का अर्थ' कविता का रसास्वादन कीजिए।

मुददे-

  1. रचना का शीर्षक
  2. रचनाकार
  3. पसंद की पंक्तियाँ
  4. पसंद आने का कारण
  5. कविता की केन्द्रीय कल्पना
  6. प्रतीक विधान

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

अंकुरित होने से ठूँठ हो जाने तक
आँधी-तूफान हो या कोई प्रतापी राजा-महाराजा
पेड़ किसी के पाँव नहीं पड़ता है,
जब तक है उसमें साँस
एक जगह पर खड़े रहकर
हालात से लड़ता है!

जहाँ भी खड़ा हो
सड़क, झील या कोई पहाड़
भेड़िया, बाघ, शेर की दहाड़
पेड़ किसी से नहीं डरता है!

हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़।
थके राहगीर को देकर छाँव व ठंडी हवा
राह में गिरा देता है फूल
और करता है इशारा उसे आगे बढ़ने का।

पेड़ करता है सभी का स्वागत,
देता है सभी को विदाई!

(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (२)

  1. आँधियाँ - ______
  2. साँसें - ______
  3. सड़कें - ______
  4. हवाएँ - ______

(३) ‘पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)


निम्नलिखित पद्वांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

हमारी साँसों के लिए शुद्ध हवा
बीमारी के लिए दवा
शवयात्रा, शगुन या बारात
सभी के लिए देता है पुष्पों की सौगात
आदिकाल से आज तक
सुबह-शाम, दिन-रात
हमेशा देता आया है मनुष्य का साथ
कवि को मिला कागज, कलम, स्याही
वैद, हकीम को दवाई
शासन या प्रशासन
सभी के बैठने के लिए
कुर्सी, मेज, आसन
जो हम उपयोग नहीं करें
वृक्ष के पास ऐसी एक भी नहीं चीज है।
  1. कृति पूर्ण कीजिए:        [2]

  2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए:         [2]
    1. बीमारियाँ  - ______
    2. दवाई - ______
    3. कुर्सियाँ - ______
    4. चीज़ - ______
  3. “पेड़ हमारा दाता है" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।      [2]

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