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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

चित्‍त समाधान के लिए साधना स्पष्ट करने वाली पंक्‍तियाँ स्पष्ट कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

चित्‍त समाधान के लिए साधना स्पष्ट करने वाली पंक्‍तियाँ स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

1) तुका रामसूं चिता बाँध राखूं, तैसा आपनी हात।
घेनुबदरा छोर जावे, प्रेम न छुटेसात।।

अर्थ: तुकाराम जी कहते हैं कि यह तो अपने वश में है कि मैं अपने मन (चित्त) को श्री राम से जोड़कर रखूँ।

2) कहेतुका भला भया, हुआ संतन का दास।
क्‍या जानूकेतेमरता, न मिटती मन की आस।।

अर्थ: तुकाराम का मानना है कि यह तो अच्छा हुआ कि मैंने संतों का दास बनना स्वीकार कर लिया। वे कहते हैं कि यदि ऐसा नहीं होता, तो पता नहीं कहाँ उनकी मृत्यु होती तथा उनके मन की आशा भी पूरी नहीं होती।

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नवनीत
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अध्याय 2.06: नवनीत - स्वाध्याय [पृष्ठ ८१]

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बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 2.06 नवनीत
स्वाध्याय | Q (२) | पृष्ठ ८१
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