हिंदी

भूकंपीय तरंगें छाया क्षेत्र कैसे बनाती हैं? - Geography (भूगोल)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भूकंपीय तरंगें छाया क्षेत्र कैसे बनाती हैं?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

जहाँ कोई भी भूकंपीय तरंग अभिलेखित नहीं होती। ऐसे क्षेत्र को भूकंपीय छाया क्षेत्र कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंप अधिकेंद्र से 105° और 145° के बीच का क्षेत्र दोनों प्रकार की तरंगों के लिए छाया क्षेत्र है। एक भूकंप का छाया क्षेत्र दूसरे भूकंप के छाया क्षेत्र से भिन्न होता है। 105° के परे क्षेत्र में ‘S’ तरंगें नहीं पहुँचतीं। ‘S’ तरंगों का छाया क्षेत्र ‘P’ तरंगों के छाया क्षेत्र से अधिक विस्तृत है। भूकंप अधिकेंद्र के 105° से 145° तक ‘P’ तरंगों का छाया क्षेत्र एक पट्टी के रूप में पृथ्वी के चारों तरफ प्रतीत होता है। ‘S’ तरंगों का छाया क्षेत्र न केवल विस्तार में बड़ा है, वरन यह पृथ्वी के 40 प्रतिशत भाग से भी अधिक है।

shaalaa.com
भूकंप
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: पृथ्वी की आंतरिक संरचना - अभ्यास [पृष्ठ ३०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Fundamentals of Physical Geography [Hindi]
अध्याय 3 पृथ्वी की आंतरिक संरचना
अभ्यास | Q 2. (iii) | पृष्ठ ३०

संबंधित प्रश्न

निम्न में कौन-सी भूकंप तरंगें चट्टानों में संकुचन व फैलाव लाती हैं?


भूकंपीय गतिविधियों के अतिरिक्त भूगर्भ की जानकारी संबंधी अप्रत्यक्ष साधनों का संक्षेप में वर्णन करें।


भूकंपीय तरंगों के संचरण का उन चट्टानों पर प्रभाव बताएँ, जिनसे होकरे ये तरंगें गुजरती हैं।


भूकम्प की भविष्यवाणी की जा सकती है।


उस पैमाने का नाम लिखिए जिस पर भूकम्पों की विनाशी ऊर्जा मापी जाती है। इस पैमाने पर किसी भूकम्प की माप 3 है। क्या इसे भूकम्पलेखी ( सीसमोग्राफी) से रिकार्ड किया जा सकेगा? क्या इससे अधिक हानि होगी।


भारत के उन तीन राज्यों (प्रदेशों) की सूची बनाइए जहाँ भूकम्पों के झटके अधिक संभावित है।


अंतर स्पष्ट कीजिए।

भूकंप और ज्वालामुखी।                          


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×