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भारत में अंतर्राज्यीय निर्धनता में विभिन्नता के कारण बताइए। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

भारत में अंतर्राज्यीय निर्धनता में विभिन्नता के कारण बताइए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

प्रत्येक राज्य में निर्धन लोगों का अनुपात एक समान नहीं है। यद्यपि 1970 के दशक के प्रारंभ से राज्य स्तरीय निर्धनता में सुदीर्घकालिक कमी हुई है, निर्धनता कम करने में सफ़लता की दर विभिन्न राज्यों में अलग-अलग है। 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निधर्नता अनपात राष्ट्रीय औसत से कम है। दूसरी ओर, निर्धनता अब भी उड़ीसा, बिहार, असम, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश में एक गंभीर समस्या है। उड़ीसा और बिहार क्रमशः 47 और 43 प्रतिशत निर्धनता औसत के साथ दो सर्वाधिक निर्धन राज्य बने हुए हैं। इन राज्यों में ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार की निर्धनता का औसत अधिक है। उड़ीसा, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश में ग्रामीण निर्धनता के साथ नगरीय निर्धनता भी अधिक है। इसकी तुलना में केरल, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और पश्चिम बंगाल में निर्धनता में उल्लेखनीय गिरावट आई है। अनाज का सार्वजनिक वितरण, मानव संसाधन विकास पर अधिक ध्यान, अधिक कृषि विकास, भूमि सुधार उपायों से इन राज्यों में निर्धनता कम करने में सहायता मिली है।

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निर्धनता के कारण
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अध्याय 3: निर्धनता : एक चुनौती - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Economics [Hindi] Class 9
अध्याय 3 निर्धनता : एक चुनौती
अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ४०
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