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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:
बचपन से लेकर किशोरावस्था तक आपकी विचारधारा में बहुत परिवर्तन आया है। आप पहले से अधिक समझदार और परिपक्व हुए हैं। बचपन की कुछ ऐसी घटनाओं का वर्णन कीजिए जिसे याद कर आपको आज भी हँसी आ जाती है और अब लगता है कि आप बड़े हो गए हैं।
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उत्तर
बचपन प्रत्येक जीव के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है। इस अवस्था में बच्चों के हाथ-पैर तो बहुत सक्रिय रहते हैं, परंतु वे अपने कार्यों के परिणामों को नहीं समझ पाते। बचपन में बच्चा पूरी तरह अपने परिवार के संरक्षण में रहता है। विशेष रूप से उसे आग, पानी, पालतू और जंगली जानवरों जैसे खतरों से बचाना परिवार की जिम्मेदारी होती है। धीरे-धीरे जब बालक का अज्ञान समाप्त होने लगता है, तब वह स्वयं के विचारों के अनुसार काम करने लगता है, लेकिन उसके कार्यों के परिणाम क्या होंगे, इसका उसे ज्ञान नहीं होता। कई बार बच्चे अनजाने में ऐसे गंभीर काम कर बैठते हैं, जिनसे निपटना कठिन हो जाता है।
यदि अपने बचपन की घटनाओं को याद करूँ तो कई उदाहरण सामने आते हैं - कभी किसी बच्चे ने नाक में दाना डाल लिया, कभी कान में प्लास्टिक का टुकड़ा फँसा लिया, कोई ऊँचाई पर चढ़ गया, तो कभी साइकिल की चैन में उँगली फँस गई।
मुझे आज भी एक घटना स्पष्ट रूप से याद है। उस समय मैं बहुत छोटा था और यह नहीं समझता था कि मैं क्या कर रहा हूँ। माँ ने रसोई में बर्तन धोकर रख दिए थे। उनमें से एक कुकर मुझे बहुत पसंद आया। मैंने उसे उठाया और सोचा कि इसे सिर पर पहनकर माँ को दिखाऊँगा। कई बार कोशिश करने पर भी सफल नहीं हुआ, लेकिन अंततः कुकर मेरे सिर में फँस गया। फिर मैं माँ को दिखाने चला, पर रास्ता न दिखने के कारण गिर पड़ा। आवाज सुनकर घर के सभी लोग दौड़कर आए और देखा कि मेरा सिर कुकर में फँस गया है। सबने उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अंत में डॉक्टर के पास ले जाकर बहुत सावधानी से कुकर को काटा गया। काफी रक्तस्राव के बाद मेरा सिर कुकर से बाहर निकल सका। उस समय घर के सभी लोग और पड़ोसी अत्यंत चिंतित थे।
इसी तरह की एक और घटना तब की है, जब मैं किशोरावस्था में प्रवेश करने वाला था। एक दिन मेरी भैंस पड़ोसी के खेत में चली गई। मैंने उसे निकालने की बहुत कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। मैं बहुत परेशान हो गया और मेरी आँखों से आँसू निकल आए। तभी मेरा छोटा भाई वहाँ आ पहुँचा।
