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“बैजू बावरा जीत गया, तानसेन हार गया” इस कथन को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। - Hindi

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प्रश्न

“बैजू बावरा जीत गया, तानसेन हार गया” इस कथन को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

“बैजू बावरा जीत गया, तानसेन हार गया” इस कथन को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

स्पष्ट कीजिए
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उत्तर

बाबा हरिदास द्वारा दिए गए मंत्र के माध्यम से बैजू बावरा ने संगीत में ऐसी निपुणता प्राप्त की, कि वह एक पूर्ण गंधर्व बन गया। लेकिन बाबा ने उससे यह वचन लिया कि वह अपनी संगीत विद्या का प्रयोग किसी को हानि पहुँचाने के लिए नहीं करेगा। इस वचन के कारण बैजू अपने पिता की मृत्यु का बदला तानसेन से नहीं ले सका और भीतर ही भीतर व्याकुल रह गया।

बाद में जब बैजू बावरा और तानसेन के बीच संगीत की स्पर्धा हुई, तो बैजू की सितार धुन सुनकर श्रोता मोहित हो गए। इतना ही नहीं, संगीत से आकर्षित होकर हिरन भी उसके पास चले आए। बैजू ने अद्भुत वातावरण बना दिया। फिर तानसेन ने भी अपना श्रेष्ठतम सितार वादन किया, परन्तु उससे कोई हिरन नहीं आया। उसने बैजू को फिर से हिरन बुलाने की चुनौती दी, जिसे बैजू ने सफलतापूर्वक पूरा किया और विजयी हुआ। तानसेन ने उसकी प्रतिभा के सामने हार मान ली और उसके चरणों में गिरकर जीवन की भीख माँगी।

बैजू ने कहा कि उसे तानसेन के प्राण नहीं चाहिए, बल्कि वह चाहता है कि वह कठोर नियम हटा दिया जाए, जिसके अनुसार तानसेन का कोई सानी नहीं हो सकता था और जो उसे टक्कर देता, उसे मृत्युदंड दिया जाता था। यह नियम समाप्त कर दिया गया और बैजू दोनों स्तरों संगीत तथा नीति पर विजयी रहा।

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