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“अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।” (क) उपर्युक्त पंक्ति के आधार पर लिखिए कि पास-पड़ोस के लोगों में किस तरह के पारस्परिक संबंध रहे होंगे?

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प्रश्न

“अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।”

(क) उपर्युक्त पंक्ति के आधार पर लिखिए कि पास-पड़ोस के लोगों में किस तरह के पारस्परिक संबंध रहे होंगे?

(ख) वर्तमान समय में ऐसे संबंधों में किस तरह के परिवर्तन आए हैं और इनके क्या कारण हो सकते हैं? लिखिए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

(क) अपने आस-पड़ोस में खेलना और उनका स्नेह प्राप्त करना तभी संभव है, जब हमारे पड़ोसियों के साथ मधुर संबंध हों। यदि कोई पड़ोसी हमें अपने घर में न आने दे, अपनी छत पर न जाने दे, प्यास लगने पर पानी भी न दे और हमेशा डाँट-फटकारकर बात करे, तो पड़ोस में खेलना संभव नहीं हो सकता। अतः यह स्पष्ट है कि लेखक के अपने आस-पड़ोस के लोगों से अच्छे संबंध रहे होंगे। अन्यथा उन्हें उनका स्नेह और दुलार नहीं मिलता।

(ख) वर्तमान समय बहुत चुनौतीपूर्ण है। आज प्रत्येक व्यक्ति अपने में ही सीमित हो गया है। कोई किसी का सहयोग नहीं करता। पड़ोस में रहने वाले बच्चों को भी एक-दूसरे से दूर रखा जाता है।

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अध्याय 7: मैं और मेरा देश - अभ्यास [पृष्ठ १३०]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
अध्याय 7 मैं और मेरा देश
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १३०
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